परंपरा में निहित
उनकी यात्रा उनके स्वर्गीय पिता, सम्मानित ज्योतिषी श्री रामबाबू गोस्वामी जी के मार्गदर्शन में शुरू हुई। भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद (ICAS) से ज्योतिष विशारद और ज्योतिष प्रवीण की औपचारिक शिक्षा ने इस विरासत को अनुशासित, शास्त्रीय अभ्यास में ढाला।
